Thursday, 26 December 2013

अनिल बिस्वास के स्वर में एक गीत : हिंदी सिनेमा के दुर्लभ गाने

हिंदी सिनेमा के दुर्लभ गाने [18]
--------------------------------------------
Music Director Anil Biswas as a Singer 
----------------------------------------------------------------------------------
अनिल बिस्वास (7जुलाई, 1914 - 31मई, 2003) को हिन्दी फ़िल्म संगीत का पितामह कहा जाता है ! 1965 में बनी फ़िल्म 'छोटी छोटी बातें' उनकी अंतिम फिल्म थी ! उनकी पत्‍नी गायिका मीना कपूर एक बहुत अच्छी गायिका भी थीं ! संगीतकार जोड़ी अमर-उत्पल (अमर बिस्वास और उत्पल बिस्वास) उनके बेटे  हैं !

मुकेश और तलत को गाने का ब्रेक देने वाले अनिल बिस्वास जी खुद बहुत अच्छे गायक थे ! परन्तु एक घटना के बाद उन्होंने अपने आप से वायदा किया की वह केवल संगीतकार बने रहेंगे गायक नहीं ..!  घटना खूब उन्होंने एक इंटरव्यू में बताई थी वह इस प्रकार है 'जब मैं मुकेश को ट्राई कर रहा था तो उसे एक गीत 'नयन उसके नयन' गाना था। मैं कोशिश कर रहा था कि मुकेश इसको गा ले।

दो–तीन दिन तक मैं प्रयास  करता रहा। इधर महबूब मेरे पीछे पड़ा था कि जल्दी करो। उसकी जल्दबाजी से तंग आकर मैंने मुकेश से कहा, "तू हट, मैं गाता हूँ", मैंने वह गाना गा दिया। दूसरे दिन सबने वह गाना सुना। सबको पसंद आया। सुनने के बाद मुकेश ने मुझसे कहा, "दादा आप गाना खुद बनाएँगे, खुद गाएँगे तो आपसे बेहतर कोई उसकी व्याख्या नहीं कर सकता। तो इसका क्या यह मतलब है कि हम कभी आपके बनाए हुए गानों को नहीं गा सकेंगे।" उसकी बात से जैसे एक जोरदार घूँसा लगा मेरे दिल के ऊपर। 

रात में मैं इसी घटना पर विचार करता रहा और उसके बाद मैंने यह निश्चय कर लिया कि अब व्यावसायिक रूप में कुछ नहीं गाऊँगा, सिर्फ संगीत निर्देशक बना रहूँगा। हालाँकि मैं अब भी गाता हूँ, अब भी गुनगुनाता हूँ लेकिन वह अपने शौक के लिए है, अपने सुख के लिए, जिसे स्वातः सुखाय कहते हैं।''
आईये उन्हीं की आवाज़ में एक दुर्लभ गीत सुनते हैं-

Song - Saare Jag Men Pet Ka Dhandha
गाना - 'सारे जग में पेट का धंधा '
फिल्म -  भूख [1947]
गीतकार - सफ़दर
संगीतकार और स्वर-  अनिल बिस्वास
========================================
End
===============